Sex Education

Sunday, 22 December 2019


शीघ्रपतन : कारण, लक्षण व उपचार | Shighrapatan Ka Desi Ilaj in Hindi 3 years ago ( Shighrapatan Ka Desi Ilaj) शीघ्रपतन : कारण, लक्षण व उपचार Contents 1 ( Shighrapatan Ka Desi Ilaj) शीघ्रपतन : कारण, लक्षण व उपचार 2 Premature Ejaculation Causes Symptoms & Treatment in Hindi 2.0.1 क्या होता है शीघ्रपतन (Shighrapatan)? 2.0.2 शीघ्रपतन के लक्षण क्या हैं? / Symptoms of premature ejaculation in Hindi 2.0.3 शीघ्रपतन के प्रकार / Types of Premature Ejaculation in Hindi 2.0.4 शीघ्रपतन के कारण / Shighrapatan Kaise Hota Hai 2.1 शीघ्रपतन का इलाज / Premature Ejaculation Treatment in Hindi 2.2 ( Shighrapatan Ka Desi Ilaj ) 2.2.1 1) शीघ्रपतन का घरेलू व आयुर्वेदिक उपचार / Home Remedies for Shighrapatan in Hindi 2.2.2 2) काउंसलिंग 2.2.3 3) बिहेवियरल थेरेपी 2.2.4 4) योग प्राणायाम 2.2.5 5) आधुनिक चिकित्सा 2.2.6 शीघ्रपतन के इलाज के लिए किस डॉक्टर के पास जाना चाहिए? 2.2.7 Health Related More Hindi Articles 2.3 सभी हेल्थ आर्टिकल्स की लिस्ट यहाँ देखें Premature Ejaculation Causes Symptoms & Treatment in Hindi क्या होता है शीघ्रपतन (Shighrapatan)? शीघ्रपतन का देसी इलाजप्रीमैच्योर इजेकुलेशन जिसे हिंदी में शीघ्रपतन (Shighrapatan) या बोलचाल की भाषा में early discharge भी कहा जाता है बहुत ही कॉमन प्रॉब्लम है और सामान्यतः दुनिया भर के 30 से 40% पुरुषों में पाई जाती है. अमेरिका में The National Health and Social Life Survey (NHSLS) में पाया गया कि वहां के 30% adult males शीघ्रपतन से ग्रसित हैं. ये भी माना जाता है कि हर पुरुष अपने जीवन काल में कभी न कभी शीघ्रपतन की समस्या से ग्रस्त होता है. इसलिए अगर आप इस समस्या से परेशान हैं तो खुद को अकेला मत समझिये, आप अकेले नहीं जूझ रहे बल्कि एक-तिहाई पुरुष जाति आपके साथ है. 😛 लेकिन, चूँकि लोग इस बारे में openly किसी से बात नहीं करते इसलिए उन्हें लगता है कि बस वे ही इससे परेशान हैं. शीघ्रपतन = शीघ्र + पतन , यानी जल्दी गिरना लेकिन किस चीज का जल्दी गिरना? वीर्य यानि sperms का जल्दी गिरना. It means, शीघ्रपतन का अर्थ है पुरुषों के लिंग (penis) से वीर्य का जल्दी गिरना. जब कोई male female के साथ सेक्स करता है उस समय वो अपना पेनिस फीमेल की वेजाइना में डालता है और उसे अन्दर-बाहर करता है. ये प्रक्रिया तब तक चलती है जब तक की पुरुष के पेनिस से वीर्य ( सफ़ेद चिप-चिपा पदार्थ) बाहर नहीं निकल जाता. वीर्य निकलने के बाद penis erect नहीं रह पाता और ये प्रक्रिया वहीँ ख़त्म हो जाती है. Also read: शारीरिक कमजोरी दूर करने के 35 आयुर्वेदिक व घरेलू उपाय एक ideal intercourse में पुरुष और महिला दोनों ही क्लाइमेक्स तक पहुँचते हैं और दोनों के sperms discharge होते हैं. लेकिन यदि औरत के satisfy होने से पहले ही आदमी का वीर्य निकला जाता है तो औरत अपने चरम रोमांच, i.e orgasm तक नहीं पहुँच पाती और उसे सेक्स में उतना मजा नहीं आता. डॉक्टर्स का मानना है कि यदि पुरुषों का intravaginal ejaculatory latency time (IELT) यानि योनी में लिंग जाने के बाद और वीर्य स्खलन होने के बीच का समय : 1 मिनट से कम है तो पुरुष को “definite” Premature Ejaculation है. 1 से डेढ़ मिनट है तो “probable” Premature Ejaculation है. कई मामलों में शीघ्रपतन की समस्या इतनी बढ़ जाती है कि पुरुष vaginal intercourse शुरू होने से पहले ही इजैक्युलेट कर देता है या सेक्स शुरू होने के फ़ौरन बाद ही उसका sperm discharge हो जाता है. वैसे तो Shighrapatan की समस्या को पुरुष-महिला संबंधों से जोड़ कर ही देखा जाता है लेकिन कुछ डॉक्टर्स हस्तमैथुन के दौरान भी early discharge होने को शीघ्रपतन से जोड़ कर देखते हैं. शीघ्रपतन के लक्षण क्या हैं? / Symptoms of premature ejaculation in Hindi The key symptoms of premature ejaculation include: बार-बार प्रयास करने पर भी सेक्स के दौरान ejaculation को 1 मिनट तक ना रोक पाना सेक्स को टालना संभोग करने के बाद एक guilt feeling का होना कि आप partner को संतुष्ट नहीं कर पाए सेक्स करने से पहले मन में शीघ्रपतन का डर आना शीघ्रपतन के प्रकार / Types of Premature Ejaculation in Hindi शीघ्रपतन दो प्रकार का होता है: लाइफ लॉन्ग (प्राइमरी): यह व्यक्ति को शुरू से लेकर अंत तक रहता है. यानि early discharge की प्रॉब्लम पहली बार सेक्स करने से लेकर जब तक वह सेक्स करता है तब तक बनी रहती है. एक्वायर्ड (सेकेंडरी) : इस मामले में पहले व्यक्ति नॉर्मल तरीके से ejaculate करता है लेकिन बाद में उसे शीघ्रपतन की शिकायत शुरू हो जाती है. 💡 बहुत से मर्दों को लगता है कि उन्हें प्रीमैच्योर इजैकुलेशन की प्रॉब्लम है, लेकिन diagnostic criteria के हिसाब से वास्तव में ऐसा नहीं होता. शीघ्रपतन के कारण / Shighrapatan Kaise Hota Hai The Mayo Clinic के अनुसार अभी तक शीघ्रपतन का सटीक कारण पता नहीं लगाया जा सका है. जहाँ पहले इसे एक psychological problem समझा जाता था वहीँ अब इसे psychological और biological factors का combined effect माना जाता है. Premature ejaculation (PE) इन कारणों से हो सकता है: सेक्स करने का अनुभव ना होना नए पार्टनर के साथ सेक्स करने पर PE हो सकता है कुछ विशेष positions में सेक्स करने पर भी PE हो सकता है बहुत दिनों के बाद सेक्स करने पर प्रीमैच्योर इजैकुलेशन की स्थिति आ सकती है फीमेल पार्टनर को संतुष्ट करने की टेंशन स्ट्रेस या चिंता, ये सम्भोग या किसी अन्य समस्या को लेकर भी हो सकती है डिप्रेशन किसी दवा का साइड इफ़ेक्ट पेनिस के स्किन का हाइपर सेंसिटिव होना ( ऐसे मामलो में numbing creams मददगार होती हैं) लड़कपन में पकड़े जाने के डर से जल्दबाजी में किया गया सेक्स बाद में भी PE cause कर सकता है मन में सेक्स को लेकर guilt feeling होना कि ये गन्दी चीज है इस बात की चिंता होना कि सेक्स के दौरान पेनिस देर तक खड़ा नहीं रह पायेगा, जड़ी एजैक्युलेट करने का पैटर्न बना सकता है संबंधों में समस्या: यदि आप पहले किसी और के साथ सेक्स करते समय PE नहीं होता था, तो संभव है कि current partner के साथ आपके संबधों में कोई दिक्कत है, जिससे ये समस्या आ रही है. हार्मोनल प्रॉब्लम ब्रेन केमिकल्स का एब्नार्मल लेवल Ejaculatory system की abnormal reflex activity कुछ थाइरोइड सम्बन्धी समस्याएं प्रोस्टेट या मूत्रमार्ग में सूजन या संक्रमण अनुवांशिक कारण सर्जरी या आघात के कारण नसों में हुई क्षति डायबिटीज हाई ब्लड प्रेशर प्रोस्टेट डिजीज Multiple sclerosis नोट: शीघ्रपतन को एक समस्या तभी माने जब ये बार-बार हो. कभी-कभार होना नॉर्मल है. शीघ्रपतन का इलाज / Premature Ejaculation Treatment in Hindi ( Shighrapatan Ka Desi Ilaj ) Shighrapatan Ka Desi Ilaj 1) शीघ्रपतन का घरेलू व आयुर्वेदिक उपचार / Home Remedies for Shighrapatan in Hindi शीघ्रपतन का देसी इलाज Shighrapatan ka desi ilaj i)) 5 ग्राम अश्वगंधा पाउडर लेकर उसमें बराबर मात्रा में मिश्री मिलाएं और गुनगुने दूध के साथ सुबह शाम लें. कुछ समय तक लगातार लेने से फायदा होगा. ii) 4-4 ग्राम मूसली पाउडर सुबह शाम खाने के बाद दूध से लेने इससे वीर्य गाढ़ा होता है जिससे शीघ्रपतन में आराम मिलता है. iii) जामुन की गुठली का पाउडर शीघ्रपतन में बहुत फायदेमंद होता है इसे 3-3 ग्राम मात्रा में कुछ दिन लगातार लेने से फायदा मिलता है. iv) शिलाजीत का सेवन ज्यादातर सर्दियों में किया जाता है. इसके लिए माचिस की तीली बिना मसाले वाली side से डुबोकर जितना आये उतना शिलाजीत सुबह शाम दूध में मिलाकर लेते हैं गर्मियों में कम मात्रा में सेवन करते हैं. v) आयुर्वेद की अनेक औषधियां शीघ्रपतन में काम ली जाती है जैसे मकरध्वज, कामिनी विद्रावण रस, अश्वगंधा चूर्ण, जाती फलादि चूर्ण, चंदनादि चूर्ण, चन्दनासव. यह सभी आयुर्वेदिक विशेषज्ञों की देखरेख में ही ली जानी चाहिए. 2) काउंसलिंग कई बार शीघ्रपतन के रोगी के मन में अनेक भ्रम एवं भ्रांतियाँ होती हैं उन्हें काउंसलिंग द्वारा ही दूर किया जा सकता है तथा रोगी के मन में व्याप्त भय एवं चिंता काउंसलिंग के माध्यम से दूर की जा सकती है. 💡 फीमेल पार्टनर को इलाज के दौरान आदमी का पूरा साथ देना चाहिए और उसके खोये आत्मविश्वास को जगाने के लिए सेक्स का पूरा आनंद ना मिलने पर भी complaint नहीं करनी चाहिए. 3) बिहेवियरल थेरेपी कई रोगियों में बिहेवियरल थेरेपी बहुत फायदेमंद साबित होती है: i) हस्तमैथुन: इसमें सेक्स करने से 2 घंटा पहले हस्तमैथुन करने की सलाह दी जाती है जिससे सेक्स करते समय अर्ली डिस्चार्ज नहीं हो पाता है किंतु कई मामलों में इससे सेक्स की इच्छा एवं उत्तेजना कम हो जाती है. Related: हस्तमैथुन: फायदा, नुक्सान और अफवाहें ii) एक्सरसाइज शीघ्रपतन के लिए डॉक्टर विशेष एक्सरसाइज बताते हैं जो काफी कारगर साबित हो सकती है. a) Start एंड Stop तकनीक इस विधि के अंतर्गत साथी मास्टरबेशन करता है जैसे ही पुरुष डिस्चार्ज होने को होता है वह अपने पार्टनर को इशारा कर देता है. पार्टनर उसी समय मास्टरबेशन रोक देता है. जैसे ही उत्तेजना कम होती है फिर से यही प्रोसीजर दुबारा से करते हैं इसमें धीरे-धीरे वीर्य स्खलन रोकने की शक्ति बढ़ जाती है. b) Squeeze तकनीक इस तकनीक में पार्टनर हस्तमैथुन शुरू करता है जैसे ही स्खलन होने को होता है, साथी सुपारी के हिस्से को जोर से दबा देता है, जिससे इस वीर्य का बहाव बंद हो जाता है. धीरे-धीरे अभ्यास से डिस्चार्ज का समय बढ़ जाता है. c) Kegal Exercise or Pelvic floor exercises शीघ्रपतन का इलाजपेल्विक फ्लोर मसल्स का कमजोर होना देर से डिस्चार्ज करने की आपकी क्षमता को घटा सकता है. Pelvic floor exercises (Kegel exercises) इन मांसपेशियों को मजबूत करने में आपकी मदद कर सकती हैं. सही मसल्स को खोजें: इसके लिए आप बीच में ही पेशाब करना रोकें, ऐसे करने के लिए जिन मसल्स को टाइट करना पड़ रहा है वही पेल्विक मसल्स हैं. एक बार पता लग जाने के बाद आप किसी भी पोजीशन में एक्सरसाइज कर सकते हैं, हालांकि शुरुआत में लेटे-लेटे एक्सरसाइज करना आसान होगा. अपनी pelvic floor muscles को टाइट करें, और 3 seconds तक दबाव बनाए रखें (इसमें हाथ का प्रयोग नहीं होगा) और फिर ढीला छोड़ दें. इस तरह आप कम से कम 3 बार करें. बाद में आप ये केगल एक्सरसाइज बैठे, खड़े, या वाक करते हुए कर सकते हैं. आप दिन भर में 10 बार इस एक्सरसाइज को रिपीट कर सकते हैं. Of course, इसके लिए आपको अलग से समय निकाने की ज़रुरत नहीं है, आप office में, ट्रेवल करते हुए, या कभी भी ये एक्सरसाइज कर सकते हैं. बेहतर रिजल्ट पाने के लिए आप प्रयास करें कि आपका पूरा ध्यान पेल्विक फ्लोर मसल्स पर ही हो. सावधानी बरतिए कि ऐसा करते हुए आपके जांघ या पेट की मसल्स relaxed रहें. इस दौरान आपकी सांसें भी नॉर्मल तरीके से चलनी चाहियें. d) कंडोम का प्रयोग Penis की sensitivity घटाने के लिए पुरुष Climax Control कंडोम का प्रयोग कर सकते हैं. इनमे numbing agents, जैसे कि benzocaine or lidocaine लगा होता है और इनकी thickness भी अधिक होती है जिससे ejaculation delay करने में मदद मिलती है. आप केमिस्ट से “Durex Performax Intense” कंडोम मांग सकते हैं. Related: स्टेप बाय स्टेप जानें कैसे करें कंडोम का प्रयोग? 4) योग प्राणायाम योग प्राणायाम वैसे भी संपूर्ण शरीर के लिए फायदेमंद है किंतु शीघ्रपतन की चिकित्सा में इससे विशेष लाभ मिलता है. जैसे – वज्रासन, मंडूकासन, शीर्षासन आदि. Related: योग के 10 प्रमुख आसन व उनके लाभ 5) आधुनिक चिकित्सा उपरोक्त उपायों से समाधान ना होने पर आधुनिक चिकित्सा ली जा सकती है जिसमें आपको डॉक्टर से मिलकर सही दवाएं लेनी होती हैं. हालांकि, officially शीघ्रपतन के लिए कोई दवा नहीं बतायी गयी है लेकिन कुछ antidepressants को इसमें कारगर पाया गया है. इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, व कई अन्य देशों में प्रीमैच्योर एजैक्युलेशन के इलाज के लिए dapoxetine (brand name Priligy), को लाइसेंस दिया गया है. इस दवा के कुछ साइड-इफेक्ट्स हो सकते हैं, जैसे – मतली, दस्त, चक्कर आना, और सिरदर्द इसके अलावा कुछ local anesthetic क्रीम जैसे कि- lidocaine and prilocaine, भी आती हैं जो सेक्स करने से पहले पेनिस पर लगाने से early discharge की समस्या में मदद मिलती है. लेकिन लम्बे समय तक इनका इस्तेमाल करने से लिंग erect होना बंद कर सकता है. शीघ्रपतन के इलाज के लिए किस डॉक्टर के पास जाना चाहिए? यदि घरेलू व अन्य उपायों को आजमाने के बाद भी अर्ली डिस्चार्ज की समस्या बनी हुई है तो आपको किसे अच्छे Urologist को दिखाना चाहिए. कभी भी self-proclaimed सेक्सोलोजिस्त और शर्तिया इलाज करने वाले झोलाछाप डाक्टरों व हकीमों के चक्कर में ना पड़ें! अंत में बस इनता याद रखिये – शीघ्रपतन एक आम समस्या है जिसका पूरी तरह से इलाज किया जा सकता है! Wish you a very happy life. 🙂 Read More About Premature Ejaculation (English) Health Related More Hindi Articles थायराइड के लक्षण कारण व उपचार Pregnant होने के लिए कब करें संभोग ? कैसे तेजी से घटाएं अपना वज़न? 25 Tips कब्ज दूर करने के आयुर्वेदिक व घरेलू उपाय विटामिन डी की कमी: लक्षण, कारण व उपचार सभी हेल्थ आर्टिकल्स की लिस्ट यहाँ देखें शीघ्रपतन रोकने के उपाय (Shighrapatan Ka Desi Ilaj in Hindi ) पर यहाँ दी गयी जानकारी आपको कैसी लगी? कृपया कमेन्ट के माध्यम से बताएं. यदि आपके पास Hindi में कोई health article, story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है:achhikhabar@gmail.com.पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks! Categories: Health Articles In Hindi, Health In Hindi Leave a Comment AchhiKhabar.Com Back to top

Sex Education In Hindi – कैसे दें अपने बच्चों को यौन शिक्षा ? sex education in hindi यौन शिक्षा (sex education in hindi) एक ऐसा विषय है जिसके बारे में बात करना आज भी कई लोगों को नापसंद है | परन्तु अब वो ज़माना नहीं रहा जब बच्चे यौन संबंध के बारे में सोचने से भी कतराते हैं और उनके माँ-बाप उन्हें ये सब चीज़ें सोचने से रोक भी सकते थे | आज-कल के बच्चे यौन – संबंधी चीज़ों के बारे में काफी जिज्ञासा रखते है और उनसे संबंधित सवाल पूछने से डरते नहीं | “आज भी भारत में ऐसे कई लोग है जिनको यौन शिक्षा (sex education in hindi) के महत्त्व का ज़रा भी एहसास नहीं है | यह लोग बिलकुल नहीं समझते कि अगर आप यौन-शिक्षा (sex education in hindi) के बारे में बात ना भी करे तब भी बढ़ते बच्चों के मन में इससे संबंधित विचार आना स्वाभाविक है | खास तौड़ पर अब जब बच्चें अपना ज़्यादा से ज़्यादा वक़्त इंटरनेट पे बिताते है जहाँ यौन सम्बंधित चीज़ें आसानी से मिल जाती है |” ऐसा कहती है डॉ. अनीता सभरवाल, सीताराम भरतिया की कंसलटेंट gynecologist और obstetrician | क्यों है यौन शिक्षा (sex education in hindi) बच्चों के लिए महत्वपूर्ण ? काफ़ी लोगों का मानना है कि यौन शिक्षा (sex education in hindi) का मतलब है सिर्फ यौन-क्रिया के बारे में बात करना पर यह सच नहीं है | यौन शिक्षा (sex education in hindi) एक ऐसी क्रिया है जिससे हम बढ़ते बच्चों को यौन संबंधके बारे में विस्तार से जानकारी देते है ताकि वो यौन क्रिया, करीबी रिश्तें और अपनी यौन पहचान के बारे में एक नज़रिया रख सके |यह क्रिया हमें बच्चों में एक समझ उत्पन्न करने में भी मदद करता है जिससे वो यौन संबंधित एहम फैसले लेने के काबिल हो जाते है | डॉ. अनीता का कहना है – “यौन शिक्षा बच्चों को प्यूबर्टी के समय होने वाले शारीरिक बदलावों से भी रूबरू करवाता है जिससे उन्हें प्यूबर्टी को स्वीकारने में मदद मिल जाती है | और तो और इस शिक्षा के द्वारा हम बच्चों को यह समझा सकते है कि जीवन में सुरक्षित और स्वस्थ फैसले लेना एक स्वस्थ सेक्स लाइफ के लिए कितना महत्वपूर्ण है |” यौन सम्बंधित जानकारी प्राप्त करके बच्चे अपने ऊपर होने वाले शारीरिक शोषण के ख़िलाफ़ आवाज़ उठा पाते है | उनमें यह समझ स्थापित हो जाती है कि प्रजनन की सही उम्र क्या होती है, सम्भोग के वक़्त प्रोटेक्शन लेना कितना आवश्यक होता है और शादी के पहले माँ – बाप बनना कितना हानिकारक हो सकता है | कैसे करे अपने बच्चों से यौन क्रिया की बात ? “बहुत से माँ-बाप को लगता है कि यौन शिक्षा (sex education in hindi) एक बार में निपटाने वाली चर्चा है जिसमें उनको अपने बच्चों को सिर्फ सम्भोग की क्रिया के बारे और प्यूबर्टी के बारे में बताना होता है | परन्तु ऐसा बिलकुल नहीं है |” यौन शिक्षा देने की प्रक्रिया आसान हो जाती है जब हम उसे एक निरंतर क्रिया के रूप में देखते है और रोज़ – मर्रा की ज़िन्दगी के कुछ पलों में इसकी चर्चा करते है | “उदहारण के लिए, जब कभी टीवी देखते वक़्त सैनिटरी नैपकिन का विज्ञापन आए तो उस मौके पर आप अपने बच्चे से प्यूबर्टी और मासिक धर्म के बारे में बात कर सकते है |” ऐसा सुझाव है डॉ. अनीता का | अपने बच्चे से सिर्फ सच्ची बात करें यौन सम्बंधित हर विषय के बारे में अपने बच्चे से खुल के बात करें और सिर्फ सच्ची जानकारी दें | अगर आपको यौन क्रिया के बारे में बात करने में संकोच और बेचैनी होती है तो वो भी अपने बच्चे के साथ बाँटिये और मिल कर इसका उपाय निकालिए | अगर आपको उनके पूछे हुए किसी सवाल का जवाब ना आता हो तो मनघड़ंत कहानियाँ बनाने की बजाय उनके साथ मिल कर सही जवाब ढूंढिए| परन्तु उन्हें एहसास दिलाइएं की इस बारे में बातचीत करना कितना ज़रूरी है | अपने बच्चे को समझने की कोशिश करें युवावस्था का समय एक बच्चे के लिए बड़ा ही उत्तेजना पूर्वक होता है | वो बहुत से शारीरिक और मानसिक बदलावों से गुज़रते है जिसका सामना करना उनके लिए मुश्किल होजाता है | माँ-बाप होने के नाते आपका फ़र्ज़ बनता है कि प्यूबर्टी के दौरान आप अपने बच्चे की भावनाओं को समझे और उन्हें सांत्वना दे | उन्हीं ये बताने से परहेज़ करें की इन सब चीज़ों के बारे में बात करना बुरा माना जाता है | इस तरह आप उन्हें यौन सम्बंधित बात करने से केवल हतोत्साह करेंगे जिससे वो दूसरी जगह से जवाब ढूंढ़ने में मजबूर हो जायेंगे | अपने बच्चो को सवाल पूछने के लिए उत्साहित करें आज-कल के युवा बच्चे सहपाठियों के दबाव में आके कई चीज़ें करने पर मजबूर हो जाते है जिससे उन्हें काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है | ऐसे समय में आपका साथ उनके लिए काफी महत्वपूर्ण हो जाता है | अपने बच्चे को भरोसा दिलाएं के आप उनके साथ खड़े है और उन्हें उत्साहित करें कि वो अपनी परेशानियाँ आपके साथ बाटें | इस तरह आप उनका सही मार्गदर्शन कर पाएंगे | अपने बच्चे की यौन संबंधित विचारों को समझें यौन शिक्षा (sex education in hindi) केवल सम्भोग के बारे में समझाना ही नहीं होता | इस क्रिया के माध्यम से ज़रूरी है की हम अपने बच्चों में यौन की ओर एक सही रवैया बनाएं | “मैं हर माँ-बाप को कहती हूँ कि वह जानें की उनके बच्चे यौन संबंध के बारे में क्या विचार रखते है | एहम है कि हम उन्हें यौन संबंध रखने के पीछे महसूस किये गए भावनाओं से परिचित करवाएँ और उसकी मूल्यता समझाए |” नाज़ुक विषयों के बारे में ध्यान से चर्चा करें यौन शिक्षा का एक कर्त्तव्य है – बच्चों में यौन की ओर एक सही भावना पैदा करना ताकि वो बड़े होकर खुले vichar rakhein और सबकी इज़्ज़त करें | इसीलिए ज़रूरी है कि माँ-बाप समलैंगिकता (homosexuality) और यौन शोषण जैसे विषयों के बारे में ध्यान से बात करें | और कोशिश करें कि आप यौन सम्बंधित किसी भी चीज़ के बारे में कोई ख़राब बात न कहें जिससे उन्हें यह ग़लतफहमी हो की इन चीज़ों के बारे में बात करना गलत है | विद्यालयों में यौन शिक्षा (sex education in hindi) का महत्त्व प्यूबर्टी का जल्दी आना और इंटरनेट पर कई यौन संबंधित चीज़ों का मिलना यह ज़रूरी कर देता है कि हम बच्चों को यौन शिक्षा कम उम्र से देने लगें | कई विद्यालय यौन शोषण और उससे बचने के बारे में बताना दो और तीन कक्षा से शुरू करना पसंद करते है ताकि छोटे बच्चों को यह मालूम हो कि यौन शोषण का क्या मतलब होता है और कब उन्हें उसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठानी चाहिए | विस्तार में यौन शिक्षा का अध्ययन सातवीं से नौवीं कक्षा के बीच में होनी चाहिए जब ज़्यादातर बच्चे प्यूबर्टी के पड़ाव तक पहुँच जाते है | भारत में यौन शिक्षा अभी भी एक कम प्रचलित विषय हो सकती है परन्तु इसके महत्त्व को कभी झुक्लाया नहीं जा सकता | सही यौन जानकारी ना सिर्फ़ युवा बच्चों को समर्थ बनती है बल्कि यह भी ध्यान में रखती है की बच्चे अपने जीवन में हमेशा सही फैसले लें |